१७म् अन्तरराष्ट्रिय मैथिली सम्मेलन सम्पन्न

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विराटनगर :  अन्तरराष्ट्रिय मैथिली सम्मेलन नेपालक प्रदेश १ केर राजधानी विराटनगरमे पुस ६ आ ७ गते अपार जनसहभागिताक संग सम्पन्न भेल।
विराटनगरक हाटखोला मैदान तथा जानकी सदनक रजत सभागारमे एक संग ई आयोजन भिन्न-भिन्न सत्रमे पूरा भेल अछि।
करीब ३०० प्रतिनिधिक सहभागिता नेपाल, भारत आ अन्य देशसँ देखल गेल। भाषा, साहित्य, संस्कृति, समाजकेर समृद्धिक उत्सवक रूपमे आयोजित एहि सम्मेलनमे सौसँ अधिक विशिष्ट लोककेँ सम्मानित कयल गेलनि।

विद्वत् विमर्श, कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम आ झाँकी प्रस्तुतिसँ भरल एहि दुई दिवसीय आयोजनमे अलग-अलग कार्यक्रमक प्रस्तुति भेल छल। हाटखोला मैदानमे २० गोट स्टाल लगायल गेल जाहिमे मिथिला चित्रकला, हस्तकला, कृषि वैज्ञानिक उपकरण, खानपान, प्रदेश १ सरकारक पर्यटन सूचना, पुस्तक आदिक प्रदर्शनी बिक्री कयल गेल।

एहि सम्मेलनमे प्रदेश १ केर सामाजिक विकासमन्त्री जीवन घिमिरे सम्मेलनक पहिल सत्र शोभायात्रामे भाग लैत त्रिमूर्ति चौकपर महाकवि स्मृति सभाक उद्घाटन कयलनि। तहिना हाटखोला मैदानमे उद्घाटन सत्रक मुख्य अतिथि तत्कालीन उपप्रधान, कानून तथा न्यायमन्त्री उपेन्द्र यादव छलाह।

कार्यक्रमक दोसर दिनक मुख्य अतिथि प्रदेश १ केर पर्यटन,  उद्योग, वन तथा वातावरणमन्त्री जगदीश कुसियैतकेर सान्निध्यमे विशिष्ट व्यक्तित्वकेँ सम्मानित कयल गेल। जानकी सदनमे आयोजित सत्रवार विद्वत विमर्शमे प्राज्ञ रमेश रञ्जन झा, डा. रामअवतार यादव, डा. योगेन्द्रप्रसाद यादव एवं भाषा आयोगक अध्यक्ष डा. लवदेव अवस्थीकेर विशिष्ट उपस्थिति छल।

एकर अतिरिक्त भारतसँ पूर्वशिक्षामन्त्री डा. रामलषण राम ‘रमण’, अमैस अध्यक्ष डा. महेन्द्रनारायण राम, डा. वैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू’, अमैस नेपाल संयोजक डा. रामभरोस कापडी भ्रमर, अखिल भारतीय मिथिला संघ (दिल्ली) केर अध्यक्ष विजयचन्द्र झा, प्रेमकान्त चौधरी, राजकिशोर झा, सुमन खाँ समाज, रामकुमार सिंह, रामनारायण देव, परमेश्वर कापडि,  जीवनाथ चौधरी, श्यामसुन्दर शशि, सुजीत झा, सतीश दत्त, कमलाकान्त झा आदि संस्था प्रमुख लोकनिक सहभागिता सम्मेलन लेल विशेष रहल।

तहिना अमेरिकासँ सम्मानित व्यक्तित्व अजय झाकेँ प्रतिनिधित्व करैत हुनक धर्मपत्नी नीरा झा आ मारीशससँ डा. अनुभूतिकेर उपस्थिति सेहो विशेष भेल। अमेरिकामे कार्यरत वैज्ञानिक डा. सन्तोष मिश्रकेर सम्मान ग्रहण करबाक लेल नई दिल्लीसँ विजय मिश्र भाग लेलनि। अन्तमे १० बुँदे घोषणापत्र जारी करैत सम्मेलनक आगामी आयोजन भारतक वृन्दावनमे करबाक निर्णयसंग ई १७म् अन्तरराष्ट्रिय सम्मेलन समापन कयल गेल।

मैथिली भाषा आ साहित्य अति प्राचीन अछि। ज्योतिरीश्वर ठाकुर, विद्यापति, कवीश्वर चन्दा लगायत कतेको रास साहित्यकार, कवि, विद्वान् लेखक आ विचारकद्वारा मैथिली पोषित रहल। नेपाल आ भारतमे बाजल जायवला भाषा मैथिलीक इतिहास अत्यन्त समृद्ध अछि। मैथिलीक प्राचीन पाण्डुलिपि नेपालमे सुरक्षित भेटल। विद्यापति आ ज्योतिरीश्वरक कार्यक्षेत्र नेपाल रहल।

१० बुँदे घोषणापत्र –

१.  नेपालमें दोसर सबसँ बेसी बाजल जायवला भाषा मैथिली भाषाकेँ संघीय नेपालक नेपाली संगहि मैथिली सरकारी कामकाजक भाषा बनाओल जाय।

२.  प्राथमिक विद्यालयमें मातृभाषाके लागू कराबय लेल स्पष्ट नीति बनाओल जाय संगहि विषय शिक्षकके नियुक्ति कयल जाय।

३.  प्राथमिक विद्यालयमें पढाओल जायवला विषयवस्तु एवं शिक्षण प्रणालीके बालमैत्री एवं बाल मनोविज्ञान आधारित बनाओल जाय।

४. संघीय आ प्रादेशिक स्तर पर मैथिली अकादमी गठन कयल जाय जाहिमें मैथिली भाषा, साहित्य कला, संस्कृति संगहि मिथिलाक लोकगाथा, प्रदर्शनकलाक संरक्षण, संवर्धन, अध्ययन, अनुसन्धान सहितक प्रकाशन आदि कार्य लेल पर्याप्त बजेट विनियोजन कयल जाय।

५.  कलाकार, साहित्यकार, चित्रकार, आदिक हेतु आजीविका अनुदान एवं स्वास्थ्य बीमा कयल जाय।

६.  मैथिली भाषी बाहुल्य प्रदेश १ आ २ में पर्यटन प्रवर्धन एवं सांस्कृतिक संवर्धन हेतु सरकारी स्तरपर “मिथिलाग्राम” योजना लाओल जाय।

७. मिथिलाक्षर पुनरुत्थानक लेल संघीय सरकार एवं प्रादेशिक सरकार मिथिलाक्षर शिक्षा आ मिथिलाक्षरमें पुस्तक प्रकाशन करय।

८. मैथिली भाषी बहुल्य प्रदेश १ आ प्रदेश २ क त्रिभुवन विश्विद्यालय, पूर्वाञ्चल, राजर्षि जनक, नेपाल संस्कृत विश्वविद्यालय सभक आंगिक महाविद्यालय (क्याम्पस) सभमे स्नातकोत्तर धरिक शिक्षण व्यवस्था कयल जाय।

९. मिथिला चित्रकलाके बाजारीकरण, विश्वव्यावसायीकरण हेतु संघीय आ प्रदेश सरकारद्वारा अनुदान आ सहजीकरणके व्यवस्था कयल जाय।

१०.  प्रदेश १ आ २ में प्रदेशस्तरीय नाट्य रंगशाला एवं मिथिला कला संग्रहालयके स्थापना कयल जाय।

 

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